हिन्दी ग्राम के माध्यम से मिलता है
गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण
हिन्दीग्राम साझा करता है
नौकरियाँ और रोज़गार
हम प्रतिबद्धता से कर रहे
हिन्दी की सेवा
हिन्दी ग्राम के कार्य
शिक्षालय की ओर 'हिन्दीग्राम'
मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी के विस्तार के लिए विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को हिन्दी भाषा से जोड़कर भाषा के महत्त्व को समझाया जाएगा।
हस्ताक्षर बदलो अभियान
हिन्दी भाषा के प्रति प्रेम व सम्मान प्रदर्शित करने के लिए व्यक्ति अपने हस्ताक्षर हिन्दी में करें, यह प्रयास है जिससे अब तक लाखों लोग जुड़ गए हैं।
हिन्दी प्रशिक्षण एवं अवसर
हिन्दी भाषा में व्यापार, रोज़गार, नौकरी व लेखन कार्यों की जानकारी इत्यादि अवसर हम हिन्दी ग्राम के माध्यम से आम जन तक पहुंचाते है।
01
हिन्दी ग्राम
हिन्दी ग्राम शब्द में ही सम्पूर्ण परिकल्पना समाहित है, एक ग्राम जो राष्ट्र की सबसे छोटी इकाई होकर भी समग्र को समाहित कर संचालित होता है, उसी उद्देश्य को हिन्दी ग्राम में सहेजा जा रहा है। हिन्दी ग्राम का मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा को रोज़गार मूलक व व्यवसाय से जोड़ना है, क्योंकि विश्व की कोई भी भाषा जैसे अंग्रेज़ी, जापानी, चाईनीज़, फ्रेंच आदि जब तक बाज़ार से नहीं जुड़ी तब तक उसका विकास सीमित ही रहा है । उसी तरह संस्कृत बाज़ार से दूर रही तो उसे विलुप्त होने की कगार पर ला पहुँचाया, यही हाल हिन्दी का भी हो रहा है। परन्तु हिन्दी को बाज़ारमूलक बनाने और उसमें रोज़गार के अवसर लाने के उद्देश्य से हिन्दी ग्राम की शुरुआत की गई है।
मूलत: हिन्दी ग्राम के माध्यम से राष्ट्रीयस्तर पर हिन्दीभाषियों के लिए रोज़गार के अवसरों को तलाशकर जानकारी उपलब्ध करवाना, हिन्दी का प्रचार करना, हिन्दी में शिक्षा ग्रहण करने के लिए लोगों को प्रेरित करना, हिन्दी शिक्षण से रोज़गारोन्मुखी कार्यक्रम संचालित करना, भारत के पर्यटन से राजस्व प्राप्त करने वाले राज्यों में हिन्दी का प्रसार कर वहाँ हिन्दी भाषी पर्यटकों की सहायता करना तथा राज्यों में पर्यटको का रुझान बढ़ाना और राज्यों की राजस्व वृद्धि करना, भारतीय संस्कृति के संरक्षण हेतु हिन्दी का विस्तार करना और देशभर में हिन्दी से लोगों को जोड़ने के लिए हिन्दी में हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित करना है।
हिन्दी की गरिमा का समेकित स्वर मातृभाषा उन्नयन संस्थान
भारत में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने और जनभाषा के रूप में सर्व स्वीकार्यता लाने के उद्देश्य से 10 जनवरी 2018 को मातृभाषा उन्नयन संस्थान का पंजीयन मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दौर से हुआ। एक अन्तरताने (वेबसाइट) से शुरू हुई यात्रा ने लोगों को अपनी भाषा, अपनी हिन्दी में हस्ताक्षर करने का संकल्प दिलवाना आरम्भ किया। इस संस्थान का प्रथम उद्देश्य हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाना है।
2 विश्व कीर्तिमान
हस्ताक्षर बदलवाने पर एक विश्व कीर्तिमान बना
से अधिक पुस्तकालयों की स्थापना
वृहद आयोजनों की शॄंखला
संस्थान की पहल
घर-घर पुस्तकालय अभियान
समाज में पुस्तक संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा 20 मई 2025 से ‘घर-घर पुस्तकालय अभियान’ आरम्भ किया गया। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य परिवारों, विशेषकर बच्चों और युवाओं को पुस्तकों से जोड़ना तथा प्रत्येक घर में एक छोटा-सा पुस्तकालय स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। 'घर-घर पुस्तकालय अभियान' की राष्ट्रीय संयोजक भावना शर्मा हैं, जो वर्तमान में मातृभाषा उन्नयन संस्थान की राष्ट्रीय सचिव भी हैं। अभियान के कारण मातृभाषा उन्नयन संस्थान के नाम एक विश्व कीर्तिमान दर्ज हुआ है। विश्व में पहली बार किसी संस्था द्वारा 10,000 से अधिक निजी पुस्तकालय घरों में स्थापित करवाने का कार्य किया गया है।
हमारा संस्थान
सूचनाएँ एवं जानकारियाँ
ख़बरों में हिन्दीग्राम
जारी है हिन्दी आन्दोलन, जुटे हैं हज़ारों हिन्दीप्रेमी
हिन्दी ग्राम का उद्देश्य एवं कार्य योजना
हिंदी भाषा में बना सकते हैं शानदार करियर
हिन्दी के सक्रिय आंदोलन
हिन्दीग्राम से जुड़ें
हिन्दी के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए प्रतिबद्ध कार्य में सहभागी बनें।
इसका उपयोग हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy) के अनुसार किया जाएगा।
दिग्गज बोल हमारे बारे में
भाषा की सेवा यानि राष्ट्र की सेवा है और हिन्दीग्राम भाषा की सेवा का महत्त्वपूर्ण आयाम है, मेरी शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद सदैव।
When it's about controlling hundreds of articles, product pages for web shops, or user profiles in social networks, all of them potentially with different sizes, formats, rules for differing elements.
Mauris blandit aliquet elit, eget tincidunt nibh pulvinar a. Vestibulum ante ipsum primis in faucibus orci luctus et ultrices posuere cubilia Curae; Donec velit neque, auctor sit amet aliquam vel, ullamcorper sit.
Convallis arcu erat, accumsan id imperdiet et, porttitor at sem. Curabitur aliquet quam id dui posuere blandit. Vivamus suscipit tortor eget felis porttitor volutpat. Vivamus suscipit tortor eget felis.






