संगठन की शक्ति

हिन्दीग्राम के विभिन्न अभियान

शिक्षालय की ओर 'हिन्दीग्राम'

हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और विस्तार के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में हिन्दीग्राम सक्रिय है।

हस्ताक्षर बदलो अभियान

हिन्दी से प्रेम प्रदर्शित कर ‘एक क़दम इंडिया से भारत की ओर’ के अंतर्गत हस्ताक्षर बदलो अभियान संचालित है।

भाषा, बाज़ार और रोज़गार का सशक्त सेतु

हिन्दी ग्राम के बारे में

भारत विश्व का पहला बड़ा बाज़ार है और बाज़ार की भाषा को ही विश्व में सबसे बड़ी और महत्त्वपूर्ण माना जाता है

भारत में हिन्दी बोलने, समझने और पढ़ने वालों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है, फिर भी विडंबना यह है कि हिन्दी को अब भी अक्सर केवल भावनाओं, साहित्य और औपचारिक आयोजनों की भाषा मान लिया जाता है। रोज़गार, व्यापार, तकनीक और उद्यमिता की भाषा के रूप में हिन्दी को वह प्रतिष्ठा नहीं मिल सकी, जिसकी वह स्वाभाविक रूप से अधिकारी है।

यही कारण है कि हिन्दी के भविष्य को लेकर समय-समय पर चिंता व्यक्त की जाती है। परंतु चिंता का समाधान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस और व्यावहारिक प्रयासों से संभव है, क्योंकि हिंदी भावनाओं की ही नहीं वरन् संभावनाओं की भाषा है। इसी दृष्टिकोण के साथ 7 दिसंबर वर्ष 2017 को इंदौर के युवा हिन्दीसेवी डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने हिन्दीग्राम स्थापित किया।

हिन्दीग्राम केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है। यह आंदोलन उस प्रश्न से जन्मा है, जिसे हम अक्सर टाल देते हैं कि यदि अंग्रेज़ी, जापानी, चीनी और फ़्रेंच जैसी भाषाएँ व्यापार, तकनीक और रोज़गार के माध्यम से विश्व में प्रभावशाली बन सकती हैं, तो हिन्दी क्यों नहीं?

आंदोलन की शक्ति

हिन्दीग्राम परिवार

हिन्दी भाषा को रोजगारमूलक बनाकर जनजागरण के लिए प्रतिबद्ध दल

डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'

संस्थापक

भावना शर्मा

निदेशक

शिखा जैन

निदेशक
हिन्दी ग्राम की सक्रियता और सहभागिता

हम सदैव तत्पर है हिन्दी की अनवरत सेवा के लिए

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स्थापना वर्ष
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कार्यशाला एवं प्रशिक्षण
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आयोजन
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विश्व कीर्तिमान
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हिन्दीग्राम परिवार
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विद्यार्थी प्रशिक्षित

मातृभाषा उन्नयन संस्थान की विकास यात्रा

हिन्दी की दिग्विजय यात्रा के लिए समवेत रूप से मातृभाषा उन्नयन संस्थान प्रतिबद्ध है, यह हिन्दी ग्राम की आधारशीला है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया उल्लेख

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के अभियान का उल्लेख मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया।