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सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प

सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प

मातृभाषा उन्नयन संस्थान में एक महत्वपूर्ण विभाग के रुप मे कार्य करने वाला विभाग है सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प एवं संगणक विभाग । यह विभाग हिन्दी को देशभर में प्रचारित एवं प्रसारित करने के उद्देश्य से आज के समय में महत्वपूर्ण भूमिका में है। हमें इसे व्यावहारिक स्वरूप को समझना होंगा। आई.टी यानी कि इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी हिंदी में सूचना प्रौद्योगिकी के नाम से जाना जाता है। सोशल मीडिया सामाजिक संवाद का एक रूप है, वेबसाइट जो विभिन्न कार्य योजनाओं को इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराती है। यानी यदि इन तीनो का समावेश किया जाता तो यह विभाग ढांचागत रूप से सकारात्मक हो जाता है जो कि सम्पूर्ण राष्ट्र में हिंदी भाषा के बारे में प्रचार करेगा, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जनमानस का समर्थन प्राप्त करेगा, हिन्दी में हस्ताक्षर बदलने के लिए प्रेरित करेगा, आदि। इस प्रकल्प का मुख्य ध्येय है हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करने के लिए समस्त घटकों को इंटरनेट के माध्यम से प्रचारित और प्रसारित करना।  सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सूचनाओं को एकत्रित कर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, ट्विटर, जैसे अन्य ,मंचों पर हिंदी के तथ्य रखना और इसके माध्यम से जन जन तक प्रेषित करा जाना है।

अंकरुपण (डिजिटलाइजेशन) की दुनिया में हिंदी को स्थापित करने के लिए वर्तमान युग की आवश्यकता या कहे संपर्क का सबसे समृद्ध माध्यम सोशल मीडिया होने से संस्थान द्वारा उस मंच पर भी सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प द्वारा कार्य किया जाएगा।

प्रकल्प का दृष्टिकोण

आज के युग में सोशल मीडिया एक ऐसा साधन है जिसने देशों की सत्ताओ में परिवर्तन ला दिया है और अपनी बात को सही दिशा में परिवर्तन करने के लिए आई.टी सेल एवं सोशल मीडिया तथा महत्वपूर्ण वेबसाइटों का उपयोग किया है। लेकिन ये दो मुँह हथियार भी है जो कि एक तरफ अच्छा है और दूसरी तरफ से खतरनाक भी है इसलिए हिंदी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का दायित्व होगा केंद्रित सामग्री का सही प्रयोग। हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा इस प्रकल्प की स्थापना करके वर्तमान समय की आवश्यकता जो सोशल मीडिया है उस पर हिंदी को प्रचारित और प्रसारित करना है।

प्रकल्प का लक्ष्य

यह प्रकल्प सभी ग्राम , नगर प्रान्त में बनने वाले पदाधिकारियों, हिंदी योद्धाओं, प्रभारियों को संगणक क्रांति के माध्यम से जोड़ेगा, साथ ही हिन्दी के बारे में केंद्रीय अनुसन्धान दल द्वारा जारी घटकों को अंतर्जाल के माध्यम से प्रसारित करेगा, उचित दिशा निर्देश व उचित प्रशिक्षण के साथ हिंदी प्रचार कार्य संपन्न करवाएगा। इस प्रकल्प का लक्ष्य होगा कि हिन्दी के प्रचार और प्रसार सम्बंधित घटक सम्पूर्ण राष्ट्र में पहुंचे, जिससे जनमानस का हिन्दी प्रति प्रेम जागृत हो और वे संस्थान से जुड़ कर हिंदी आंदोलन के सहभागी बनें। इससे पहले हिन्दी प्रचार हेतु परिचर्चा, गोष्टी और आयोजन आदि किए जाते थे, जिसके माध्यम से अधिकतम कुछ हजार लोग ही हिन्दी उत्थान विमर्श में शामिल हुआ करते थे , किन्तु सूचना प्रौद्योगिकी युग में सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों करोड़ो लोगों तक हिंदी विमर्श पहुंचाया जा सकता है। भारत मे 30 करोड़ से अधिक लोंगो के पास चलितभाष (स्मार्ट फ़ोन) है जो कि 2019 में और 40 करोड़ से अधिक हो जायेंगे, इन लोगो तक हम अपनी पहुंच बनाकर हिन्दी भाषा को प्रचारित करते हुए संस्थान की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों को उन तक पहुंचा कर हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का आंदोलन सक्रीय कर सकते है।